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Monday, July 1, 2013

मन की आशा

मन की आशा ,

दिल की पिपासा ,

बुद्धि सहसा ,

विचारे ऐसा ,


आएगा ऐसा,

बदलेगा परिभाषा ,

दिलो सुकूँ ऐसा,

नहीं है निराशा ,


बंजर जमीं में ,

रोपेगा बीज ऐसा,

खिल उठेगी धरती,

खुश होगी प्रकृति ,


जागेंगे अरमान ,

सोयेंगे हैवान ,

फैलेगा उजाला,

मिटेगा अँधियारा,


जहाँ में ऐसा ,

फरिस्तो जैसा,

खूबसूरती से उसकी ,

बदलेगा जहाँ,


अनल , पावक , अग्नि,

धरा ,वसुंधरा ,प्रथ्वी ,

नीर, जल, वारी ,

सा रूप होगा उसका ,


चमक होगी ऐसी,

नीरज ,पंकज ,कमल जैसी ,

व्यक्तित्व होगा ऐसा ,

गगन, अम्बर जैसा ,


बदलेगी फिजां ,

मुस्कुराने से उसके,

होगी ख़ुशी चमन में,

आने से उसके,






13 comments:

  1. बहुत सुंदर.

    रामराम.

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  2. बहुत ही उम्दा | लाजवाब

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  3. बहुत सुंदर अभिव्यक्ति .....!!

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  4. बदलेगी फिजां ,
    मुस्कुराने से उसके,
    होगी ख़ुशी चमन में,
    आने से उसके,........बेहद सुंदर रचना !!

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  5. बहुत सुंदर.बहुत सुंदर.

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  6. बदलेगी फिजां ,
    मुस्कुराने से उसके,
    होगी ख़ुशी चमन में,
    आने से उसके,

    .................निःशब्द करती लाइन

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  7. बहुत सुंदर.सटीक.बधाई!

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  8. बहुत सुंदर अभिव्यक्ति .लाजवाब

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  9. बहुत सुन्दर प्रस्तुति....

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  10. मुस्कुराने से उसके,
    होगी ख़ुशी चमन में,
    आने से उसके,........बेहद सुंदर रचना !!

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  11. मैंने अभी अभी ये रचना पढ़ी अनुज पढ़ कर दिल खुश हो गया कमाल कर दिया तुमने ... कितना खुबसूरत शब्द संयोजन कम शब्दों में कही गयी बात तुम्हारी रचना को खास बनाती है बहुत बहुत प्यार और शुभकामनाये ....लिखते रहो .....

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  12. बदलेगी फिजां ,

    मुस्कुराने से उसके,

    होगी ख़ुशी चमन में,

    आने से उसके, aamin .....

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