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Saturday, April 6, 2013

 गफलत थी कुछ ऐसी की,

 अपना नाम ए निशान मिटा बैठे ,

न जाने कब रेत पर उनकी ,

धुन्द्ली सी तस्वीर बना बैठे ,,,,,,,,,,,,,,,

4 comments:

  1. मोहब्बत में ऐसा ही होता है ....सुन्दर पंक्तियाँ ...!!

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  2. होसला बढ़ाने के लिए धन्यवाद

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  3. हा हा हा ...अच्छा लिखने लगे हो .... शुभकामनाए

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